Who Said, North India Has The Foulest Air In The World - आखिर उत्तर भारत की हवा इतनी जहरीली क्यों है? Who ने किया खुलासा

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 03 May 2018 09:51 AM IST



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तेजी से बढ़ता प्रदूषण भारत की सबसे बड़ी समस्या है। WHO के मुताबिक साल 2016 में दुनिया के 20 शहरों में की गई स्टडी में से 14 शहरों में प्रदूषण का स्तर 2.5 पीएम मापा गया और ये शहर भारत के हैं। इन शहरों में जोधपुर 14वें, राजस्थान-गया चौथे, पटना 5वें और मुजफ्फरपुर 9वें नंबर पर है। WHO की रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान और कश्मीर दुनिया में सबसे ज्यादा खराब हवा के लिए जाना जाता है।  

इसके अलावा दिल्ली, आगरा, कानपुर, वाराणसी, मुजफ्फरपुर, गया और श्रीनगर में भी वायु प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा है। ये सभी उन 14 शहरों में शामिल हैं जहां सबसे ज्यादा प्रदूषण है। आईआईटी कानपुर के साइंस एक्सपर्ट प्रोफेसर सच्चिदानंद त्रिपाठी ने कहा कि हम एक दशक से इस बारे में स्टडी कर रहे हैं और इसमें कुछ भी नया और आश्चर्यचकित करने वाला नहीं है। 

वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा स्त्रोत पीएम(पार्टिकुलेट मैटर) को माना गया है। जिसमें नाइट्रेट, सल्फेट और काले कार्बन जैसे प्रदूषक शामिल हैं। प्रदूषित शहरों में पहले नंबर पर कानपुर है। फरीदाबाद, वाराणसी, गया, पटना, दिल्ली, लखनऊ, आगरा, मुजफ्फरपुर, श्रीनगर, गुरुग्राम, जयपुर, पटियाला और जोधपुर भी इस लिस्ट में शामिल हैं। 

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, धरती पर 10 में से 9 लोग सांस के रूप में प्रदूषित हवा लेते हैं, और इससे हर साल 7 मिलियन लोगों की मौत हो जाती है। हृदय रोग, स्ट्रोक और फेफड़ों के कैंसर से लगभग एक चौथाई मौत की वजह वायु प्रदूषण ही होता है। 



तेजी से बढ़ता प्रदूषण भारत की सबसे बड़ी समस्या है। WHO के मुताबिक साल 2016 में दुनिया के 20 शहरों में की गई स्टडी में से 14 शहरों में प्रदूषण का स्तर 2.5 पीएम मापा गया और ये शहर भारत के हैं। इन शहरों में जोधपुर 14वें, राजस्थान-गया चौथे, पटना 5वें और मुजफ्फरपुर 9वें नंबर पर है। WHO की रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान और कश्मीर दुनिया में सबसे ज्यादा खराब हवा के लिए जाना जाता है।  


इसके अलावा दिल्ली, आगरा, कानपुर, वाराणसी, मुजफ्फरपुर, गया और श्रीनगर में भी वायु प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा है। ये सभी उन 14 शहरों में शामिल हैं जहां सबसे ज्यादा प्रदूषण है। आईआईटी कानपुर के साइंस एक्सपर्ट प्रोफेसर सच्चिदानंद त्रिपाठी ने कहा कि हम एक दशक से इस बारे में स्टडी कर रहे हैं और इसमें कुछ भी नया और आश्चर्यचकित करने वाला नहीं है। 

वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा स्त्रोत पीएम(पार्टिकुलेट मैटर) को माना गया है। जिसमें नाइट्रेट, सल्फेट और काले कार्बन जैसे प्रदूषक शामिल हैं। प्रदूषित शहरों में पहले नंबर पर कानपुर है। फरीदाबाद, वाराणसी, गया, पटना, दिल्ली, लखनऊ, आगरा, मुजफ्फरपुर, श्रीनगर, गुरुग्राम, जयपुर, पटियाला और जोधपुर भी इस लिस्ट में शामिल हैं। 

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, धरती पर 10 में से 9 लोग सांस के रूप में प्रदूषित हवा लेते हैं, और इससे हर साल 7 मिलियन लोगों की मौत हो जाती है। हृदय रोग, स्ट्रोक और फेफड़ों के कैंसर से लगभग एक चौथाई मौत की वजह वायु प्रदूषण ही होता है। 





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